मेरठ में हाईकोर्ट बेंच आंदोलन को जन-आंदोलन बनाने की हुंकार: मिशन पदाधिकारियों ने तैयार की नई रणनीति


मेरठ में हाईकोर्ट बेंच आंदोलन को जन-आंदोलन बनाने की हुंकार: मिशन पदाधिकारियों ने तैयार की नई रणनीति

मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की लंबे समय से लंबित मांग 'हाईकोर्ट बेंच' की स्थापना हेतु चल रहे संघर्ष को अब निर्णायक मोड़ देने की तैयारी शुरू हो गई है। शुक्रवार को हाईकोर्ट बेंच मिशन के प्रमुख पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक गढ़ रोड स्थित सोहराब गेट डिपो के पास 'एस टू एस' कॉम्प्लेक्स में आयोजित की गई। इस बैठक में आंदोलन को केवल वकीलों तक सीमित न रखकर इसे एक व्यापक जन-आंदोलन में बदलने की ठोस रूपरेखा तैयार की गई। बैठक की अध्यक्षता जनता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष और ई-रिक्शा यूनियन के प्रमुख विशाल कौशिक ने की।

विशाल कौशिक को मिली जनता को जोड़ने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

हाईकोर्ट बेंच मिशन के संस्थापक अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा एडवोकेट के मार्गदर्शन में हुई इस बैठक में आंदोलन की भविष्य की दिशा तय की गई। मिशन के पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आंदोलन को मजबूती प्रदान करने के लिए आम जनता की भागीदारी अनिवार्य है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जनता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विशाल कौशिक को विशेष दायित्व सौंपा गया है कि वे अधिक से अधिक नागरिकों और विभिन्न संगठनों को इस मुहिम से जोड़ें। इसके साथ ही इमरान मेवाती को उनकी सक्रियता को देखते हुए जनता प्रकोष्ठ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष के साथ-साथ मीडिया प्रभारी की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी प्रदान की गई है।

अधिवक्ताओं की एकजुटता और मेरठ बार एसोसिएशन के आह्वान पर चर्चा

बैठक में मेरठ बार एसोसिएशन और केंद्रीय संघर्ष समिति के आह्वान पर होने वाले प्रदर्शनों में अधिवक्ताओं की उपस्थिति को लेकर भी गंभीर मंथन हुआ। मिशन के पदाधिकारियों ने कुछ स्तरों पर देखी जा रही उदासीनता पर चिंता व्यक्त की। इसके समाधान हेतु अधिवक्ता प्रकोष्ठ के महामंत्री को निर्देश दिया गया कि वे व्यक्तिगत रूप से अधिवक्ताओं से संपर्क करें और उन्हें आंदोलन की गंभीरता से अवगत कराएं। लक्ष्य यह है कि भविष्य में होने वाले किसी भी विरोध प्रदर्शन या कार्य बहिष्कार में अधिवक्ताओं की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।

सर्राफा बाजार में अधिवक्ता के साथ हुई मारपीट की कड़े शब्दों में निंदा

बैठक के दौरान हाल ही में मेरठ के सर्राफा बाजार में एक अधिवक्ता के साथ हुई मारपीट की घटना पर गहरा रोष व्यक्त किया गया। मिशन के पदाधिकारियों ने इसे कानून व्यवस्था को चुनौती बताते हुए पुलिस प्रशासन से आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। इस संबंध में थाना प्रभारी कोतवाली से वार्ता की गई, जिन्होंने फिलहाल किसी गिरफ्तारी न होने की पुष्टि की। इसके पश्चात पदाधिकारियों ने एसपी सिटी और सीओ के सीयूजी नंबरों पर संपर्क कर कड़ा संदेश भिजवाया कि यदि पुलिस ने सख्त कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

बैठक में शामिल प्रमुख पदाधिकारी और मिशन के सदस्य

हाईकोर्ट बेंच की इस महत्वपूर्ण बैठक में मिशन के संस्थापक अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा एडवोकेट और महामंत्री अवधेश बिहारी सक्सेना एडवोकेट ने अपने विचार रखे। इनके अलावा संरक्षक राजीव भारतीय, राजेश मडौना, कपिल शर्मा, विवेक चौधरी, अंकित मित्तल, विश्वनाथ राजोरा, दीपक कुमार, जितेंद्र सूर्यवंशी, सचिन शर्मा, तेजकरण सिंह और भूरा अल्वी सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि जब तक पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित नहीं हो जाती, यह संघर्ष जारी रहेगा।

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