मेरठ में सेना के जवानों से बदसलूकी: गॉडविन ग्रुप के भूपेंद्र और जितेंद्र बाजवा पर FIR दर्ज
मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में रसूख और कानून के बीच टकराव का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। थाना कंकरखेड़ा क्षेत्र के अंतर्गत सैन्य क्षेत्र में अनुशासन की धज्जियां उड़ाते हुए कुछ रसूखदार लोगों ने देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के साथ न केवल अभद्रता की, बल्कि उनके साथ मारपीट भी की। इस गंभीर घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गॉडविन ग्रुप के प्रमोटर भूपेंद्र बाजवा और जितेंद्र बाजवा समेत अन्य सहयोगियों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।
सैन्य क्षेत्र के नो-एंट्री जोन में प्रवेश को लेकर भड़का विवाद
घटनाक्रम की शुरुआत उस समय हुई जब सैन्य क्षेत्र के प्रतिबंधित मार्ग यानी 'नो-एंट्री जोन' में एक लग्जरी वाहन ने प्रवेश करने का प्रयास किया। कर्तव्य पर तैनात सेना के सजग जवानों ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए गाड़ी को आगे बढ़ने से रोका और नियमों की जानकारी दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नियमों का पालन करने के बजाय कार सवार व्यक्तियों ने अपने रसूख का प्रदर्शन शुरू कर दिया। जवानों द्वारा बार-बार मना किए जाने पर विवाद इतना बढ़ गया कि कार सवार और उनके साथ मौजूद सुरक्षाकर्मी हाथापाई पर उतारू हो गए।
ड्यूटी पर तैनात जवानों पर हथियार तानने का गंभीर आरोप
इस पूरे प्रकरण में सबसे चिंताजनक पहलू वह रहा जब विवाद के दौरान जवानों पर निजी सुरक्षाकर्मियों द्वारा असलाह (हथियार) तानने की बात सामने आई। सैन्य क्षेत्र जैसी संवेदनशील जगह पर वर्दीधारी जवानों के साथ इस तरह की हिमाकत ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की सूचना मिलते ही सेना के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस को सूचित किया। जवानों के साथ हुई इस बदसलूकी को लेकर सैन्य अधिकारियों में गहरा रोष देखा जा रहा है।
गॉडविन ग्रुप के मालिकों के खिलाफ कानूनी शिकंजा
सेना की ओर से दी गई लिखित तहरीर और प्राथमिक जांच के आधार पर कंकरखेड़ा पुलिस ने भूपेंद्र बाजवा और जितेंद्र बाजवा को नामजद करते हुए विभिन्न गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून के समक्ष सभी नागरिक समान हैं और सेना के जवानों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। वर्तमान में पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि साक्ष्यों के आधार पर आगे की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके।
रसूख और अनुशासन के बीच छिड़ी चर्चा
मेरठ के इस हाई-प्रोफाइल मामले ने शहर के गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ जहां सेना का अनुशासन सर्वोपरि माना जाता है, वहीं दूसरी ओर बड़े कारोबारी समूहों से जुड़े लोगों द्वारा नियमों के उल्लंघन की यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से जारी है और जल्द ही इस मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम है और सैन्य प्रशासन भी पुलिसिया कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है।

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