Meerut Fake SIM Network: मेरठ में फर्जी सिम नेटवर्क का भंडाफोड़, ATS की बड़ी कार्रवाई
एक साथ 12 ठिकानों पर छापेमारी, सैकड़ों सक्रिय सिम और मशीनें बरामद
मुख्य आरोपी समेत कई संदिग्ध हिरासत में, नेटवर्क की जड़ें पश्चिमी यूपी तक फैली
मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। उत्तर प्रदेश एटीएस ने मेरठ सहित कई जिलों में व्यापक कार्रवाई करते हुए फर्जी सिम कार्ड के जरिए संचालित एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। यह नेटवर्क कथित तौर पर फर्जी कॉल, धमकियों और देश विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल हो रहा था।
एटीएस की टीम ने बुधवार देर रात से गुरुवार तक चलाए गए अभियान में कुल 12 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान अधिकारियों को महत्वपूर्ण सबूत हाथ लगे हैं, जिनमें संदिग्ध मशीनें और बड़ी संख्या में सक्रिय सिम कार्ड शामिल हैं।
छापेमारी में क्या मिला
कार्रवाई के दौरान एटीएस को छह संदिग्ध उपकरण और लगभग पांच सौ सक्रिय सिम कार्ड बरामद हुए हैं। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि इनका उपयोग फर्जी कॉल और अवैध गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार, बरामद सामग्री की तकनीकी जांच कर नेटवर्क के अन्य पहलुओं को समझने का प्रयास किया जा रहा है।
मेरठ कनेक्शन आया सामने
जांच के दौरान मेरठ निवासी फरदीन की भूमिका सामने आई है, जिसे इस नेटवर्क का अहम हिस्सा माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि वह सक्रिय सिम कार्ड उपलब्ध कराने का काम करता था, जिनका उपयोग संदिग्ध गतिविधियों में किया जाता था। एटीएस ने इस मामले में छह लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि कई अन्य संदिग्ध अभी फरार बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
लोहियानगर और मवाना में भी कार्रवाई
मेरठ के लोहियानगर थाना क्षेत्र के फतेउल्लापुर इलाके में भी कई स्थानों पर छापेमारी की गई। एटीएस की टीमें देर रात तक मौके पर डटी रहीं और संभावित आरोपियों की तलाश करती रहीं। इसके अलावा मवाना क्षेत्र में भी कार्रवाई करते हुए कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की गहन जांच जारी है।
एक सिम की कीमत हजारों में
पूछताछ में सामने आया है कि सक्रिय सिम कार्ड ऊंची कीमत पर बेचे जाते थे। एक सिम की कीमत लगभग तीन हजार से साढ़े तीन हजार रुपये तक वसूली जा रही थी। इस जानकारी के बाद एटीएस अब इस नेटवर्क की आर्थिक कड़ियों को भी खंगाल रही है।
पुलिस कार्रवाई पर उठते सवाल
इस तरह के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं, लेकिन अक्सर इन पर हल्की धाराओं में कार्रवाई होने के कारण आरोपी आसानी से जमानत पर बाहर आ जाते हैं। स्थानीय स्तर पर कुछ मामलों में लापरवाही और सेटिंग जैसे आरोप भी सामने आए हैं, जिससे ऐसे नेटवर्क को पनपने का मौका मिलता रहा है।
पश्चिमी यूपी में फैला नेटवर्क
सूत्रों के अनुसार, फर्जी सिम के जरिए चलने वाले इस नेटवर्क की जड़ें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों तक फैली हुई हैं। सहारनपुर, मुरादाबाद, संभल, रामपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, गाजियाबाद और मेरठ जैसे क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिले हैं। एटीएस अब विभिन्न मामलों को जोड़कर पूरे नेटवर्क का विश्लेषण कर रही है।
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