मेरठ: अंबेडकर मूर्ति विवाद में BJP नेता हसीन यासीन हिरासत में, 11 लाख के 'तालिबानी' इनाम का मामला गरमाया
मेरठ: अंबेडकर मूर्ति विवाद में BJP नेता हसीन यासीन हिरासत में, 11 लाख के 'तालिबानी' इनाम का मामला गरमाया
मेरठ, संवाद सूत्र। जिले में कानून को हाथ में लेने की कोशिश और भड़काऊ बयानबाजी करना एक भाजपा नेता को भारी पड़ गया है। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति खंडित करने वाले के खिलाफ विवादित 'तालिबानी' सजा का ऐलान करने वाले भाजपा नेता और स्लॉटर हाउस कारोबारी हसीन यासीन को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
क्या है 11 लाख के इनाम का विवाद?
हाल ही में मेरठ क्षेत्र में अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने की घटना सामने आई थी। इस घटना से आक्रोशित होकर भाजपा नेता हसीन यासीन ने एक वीडियो जारी कर बेहद आपत्तिजनक घोषणा की। उन्होंने कहा कि जो कोई भी मूर्ति तोड़ने वाले के 'हाथ काटकर' लाएगा, उसे वह 11 लाख रुपये का नकद इनाम देंगे।
एक राजनीतिक दल के जिम्मेदार पद पर रहते हुए हिंसा को बढ़ावा देने वाले इस बयान ने जिले में प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल तेज कर दी।
SSP के आदेश पर पुलिस का एक्शन
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मेरठ पुलिस ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया। एसएसपी (SSP) अविनाश पांडेय ने सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और हिंसा भड़काने के आरोप में हसीन यासीन के खिलाफ तत्काल वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी नेता को हिरासत में ले लिया है।
संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी गई है।
मेरठ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं है, चाहे वह किसी भी दल से जुड़ा हो।
कौन हैं हसीन यासीन?
हसीन यासीन मेरठ के एक रसूखदार व्यक्तित्व माने जाते हैं। उनकी पहचान निम्नलिखित रूप में है। वे सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय स्तर पर सक्रिय नेता हैं।
हसीन यासीन के इस बयान के बाद इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है। नेटिज़न्स का कहना है कि एक तरफ जहाँ सरकार 'कानून के राज' का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर पार्टी से जुड़े लोग ही सरेआम तालिबानी सजाओं की बात कर रहे हैं। अंबेडकर समर्थकों ने भी इस तरह की भाषा को बाबा साहेब के संविधान और कानून की मर्यादा के खिलाफ बताया है।

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