PVVNL के 5 अफसर सस्पेंड, ट्रांसफॉर्मर फेल होने पर सख्त कदम


मेरठ : PVVNL के 5 अफसर सस्पेंड

मेरठ में बिजली संकट के बीच बड़ी कार्रवाई

मेरठ, यूजी आज लाइव प्रतिनिधि। मेरठ में लगातार बिगड़ती बिजली व्यवस्था और ट्रांसफॉर्मरों के बार-बार फेल होने की घटनाओं ने प्रशासन को कड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया है। बिजली आपूर्ति में आई गंभीर बाधा के चलते पावर कॉरपोरेशन ने पांच अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। इस फैसले के बाद बिजली विभाग में हलचल मच गई है।

ट्रांसफॉर्मर खराबी बनी मुख्य वजह

शहर के कई हिस्सों में बड़े ट्रांसफॉर्मर फुंकने की घटनाएं सामने आईं, जिससे लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। खासतौर पर सोफीपुर और उद्योगपुरम जैसे इलाकों में स्थिति ज्यादा गंभीर रही, जहां बड़े ट्रांसफॉर्मर काम करना बंद कर गए थे। इन तकनीकी खामियों के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

पांच अधिकारियों को किया गया निलंबित

मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग ने कार्रवाई करते हुए पांच अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। इनमें एक एक्सईएन स्तर के अधिकारी विपिन कुमार के साथ दो एसडीओ और दो जूनियर इंजीनियर शामिल हैं। इन सभी पर लापरवाही और समय पर समस्या का समाधान न करने के आरोप लगाए गए हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों से मांगा गया स्पष्टीकरण

इस पूरे प्रकरण में केवल निलंबन तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रही, बल्कि उच्च अधिकारियों से भी जवाब तलब किया गया है। मुख्य अभियंता स्तर के अधिकारी मनीष चोपड़ा और अधीक्षण अभियंता अरशद से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि जवाब संतोषजनक नहीं होने पर आगे और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

चेयरमैन के हस्तक्षेप के बाद हुआ एक्शन

बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में उच्च स्तर पर हस्तक्षेप के बाद ही कार्रवाई को अंतिम रूप दिया गया। चेयरमैन स्तर से निर्देश मिलने के बाद विभाग ने तेजी दिखाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कदम उठाए।

कई इलाकों में लंबा बिजली संकट

मेरठ के कई क्षेत्रों में लगभग 8 से 10 दिनों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इससे घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापार और उद्योग भी प्रभावित हुए। भीषण गर्मी के बीच बिजली न होने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं।

बिजली व्यवस्था सुधारने पर जोर

विभाग अब इस पूरी घटना से सबक लेते हुए बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने और ट्रांसफॉर्मर मेंटेनेंस तथा मॉनिटरिंग को प्राथमिकता दी जाए।

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