UP Politics: मायावती ने फिर बुलंद की पृथक प्रदेश की मांग, बोलीं- 'पश्चिमी यूपी में कब बनेगा हाईकोर्ट बेंच का सपना'
लखनऊ, एजेंसी। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने एक बार फिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने और वहां हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने का मुद्दा गरमा दिया है। जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण के उद्घाटन के अवसर पर प्रतिक्रिया देते हुए बसपा प्रमुख ने कहा कि इस बड़े प्रोजेक्ट की असल रूपरेखा और बुनियादी कार्य उनकी सरकार के कार्यकाल में ही शुरू कर दिए गए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्षेत्र के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण 'अलग प्रदेश' और 'हाईकोर्ट बेंच' की मांग आखिर कब तक लंबित रहेगी?
जेवर एयरपोर्ट के श्रेय पर दावों की जंग
बसपा सुप्रीमो ने रविवार को सोशल मीडिया के माध्यम से जारी अपने बयान में केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। मायावती ने आरोप लगाया कि यदि उस समय दिल्ली की सत्ता में काबिज कांग्रेस सरकार ने जेवर एयरपोर्ट के प्रस्ताव में अड़ंगा नहीं लगाया होता, तो यमुना एक्सप्रेसवे की तरह यह विकास कार्य भी बसपा सरकार के दौरान ही काफी पहले पूर्ण हो गया होता। उन्होंने कहा कि विपक्षियों की बाधाओं के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास की गति को जानबूझकर धीमा किया गया।
समाजवादी पार्टी की नीतियों पर कड़ा प्रहार
सपा सरकार के कार्यकाल की आलोचना करते हुए मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का अधिकांश समय प्रदेश की दरिद्रता और पिछड़ेपन को दूर करने के बजाय बसपा शासन में किए गए जनहितैषी कार्यों को ठप करने में बीता। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास की निरंतरता को बाधित करना सपा की राजनीति का हिस्सा रहा है, जिससे प्रदेश के विकास को भारी क्षति पहुँची है।
भाजपा सरकार पर नाम बदलने की राजनीति का आरोप
भारतीय जनता पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए बसपा प्रमुख ने कहा कि वर्तमान सरकार केवल नाम बदलने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज के महान संतों, गुरुओं और महापुरुषों के सम्मान में बसपा सरकार द्वारा स्थापित किए गए शिक्षण संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों और जिलों के नाम बदले जा रहे हैं, जो कि समाज के कमजोर वर्गों का अपमान है। मायावती ने प्रदेश की जनता से आह्वान किया कि वे विपक्षी दलों के छलावे और लुभावने वादों से सावधान रहें और अपनी राजनीतिक सूझबूझ का परिचय दें।

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