Lucknow Prepaid Meter News: 19,778 प्रीपेड मीटर की बत्ती गुल, रिचार्ज के बाद भी अंधेरे में डूबे घर
लखनऊ, एजेंसी। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बिजली विभाग ने शनिवार को बकाया भुगतान न करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। विद्युत विभाग द्वारा सुबह आठ बजे से ही माइनस बैलेंस वाले प्रीपेड मीटरों की बिजली काटनी शुरू कर दी गई। विभाग की इस त्वरित कार्रवाई के चलते मात्र एक घंटे के भीतर ही शहर के 19,778 घरों, दुकानों और कार्यालयों की बत्ती गुल हो गई। अचानक हुई इस कटौती से उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोगों ने तुरंत अपने बकाया बिलों का भुगतान किया, लेकिन इसके बावजूद तकनीकी खामियों के कारण कई घंटों तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।
रिचार्ज के बावजूद 30 फीसदी उपभोक्ताओं को नहीं मिली राहत
बिजली विभाग द्वारा भेजे गए माइनस बैलेंस के मैसेज मिलते ही उपभोक्ताओं ने आनन-फानन में डिजिटल माध्यमों और काउंटरों पर जाकर रकम जमा कर दी। हालांकि, बिल जमा होने के बाद भी लगभग 30 प्रतिशत बकायेदारों की बिजली ऑटोमेटिक तरीके से चालू नहीं हो पाई। इससे आक्रोशित उपभोक्ताओं ने हुसैनगंज कॉल सेंटर समेत शहर के विभिन्न बिजली कलेक्शन कार्यालयों पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया। लोगों का आरोप था कि पैसे जमा करने के बावजूद उन्हें घंटों तक बिना बिजली के रहना पड़ा, जिससे भीषण गर्मी में पीने के पानी तक का संकट खड़ा हो गया।
जोन वार काटी गई बिजली और करोड़ों की हुई वसूली
शनिवार को हुई इस बड़ी कार्रवाई के आंकड़ों पर गौर करें तो लखनऊ के अलग-अलग क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर कनेक्शन काटे गए। लखनऊ मध्य जोन में सर्वाधिक 6008 कनेक्शन काटे गए, जबकि अमौसी में 6294, गोमतीनगर में 3269 और जानकीपुरम में 4207 उपभोक्ताओं की बिजली बंद की गई। विभाग की इस सख्ती का असर यह हुआ कि दोपहर दो बजे तक ही उपभोक्ताओं ने करीब 2.17 करोड़ रुपये के बकाया बिल जमा कर दिए। इसके बावजूद शाम छह बजे तक उपभोक्ता हुसैनगंज कॉल सेंटर, इंद्रलोक हाइडिल कॉलोनी और पुरनिया उपकेंद्र जैसे कार्यालयों के चक्कर काटते नजर आए।
मुख्य अभियंता का स्पष्ट संदेश: प्लस बैलेंस होने पर ही आएगी बिजली
लखनऊ मध्य जोन के मुख्य अभियंता रवि कुमार अग्रवाल ने इस पूरे प्रकरण पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि जिन उपभोक्ताओं की बिजली बिल जमा करने के बाद भी ऑटोमेटिक चालू नहीं हुई है, उनका मुख्य कारण खाते में बैलेंस का प्लस न होना है। उन्होंने तकनीकी प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि जैसे ही सिस्टम पर प्लस बैलेंस का मैसेज पहुंचता है, इंटेली स्मार्ट कंपनी के ऑपरेटर कमांड देकर कनेक्शन जोड़ देते हैं। मुख्य अभियंता ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे रिचार्ज करने से पहले हेल्पडेस्क पर जाकर सही रकम की जानकारी लें। जब तक उपभोक्ता के खाते में पर्याप्त धनराशि जमा होकर बैलेंस पॉजिटिव नहीं होगा, तब तक बत्ती चालू नहीं हो पाएगी।

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