UP Court Verdict: कांग्रेस नेता राज बब्बर बरी, मतदान अधिकारी से मारपीट केस में सत्र न्यायालय का बड़ा फैसला
UP Court Verdict: कांग्रेस नेता राज बब्बर बरी, मतदान अधिकारी से मारपीट केस में सत्र न्यायालय का बड़ा फैसला
30 साल पुराने चुनावी विवाद में राहत, निचली अदालत की सजा को सत्र न्यायालय ने किया रद्द
लखनऊ, एजेंसी। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट ने कांग्रेस नेता राज बब्बर को 30 वर्ष पुराने मतदान केंद्र पर मारपीट के मामले में बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को निरस्त करते हुए उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया। विशेष न्यायाधीश हरबंस नारायण की अदालत ने यह फैसला सुनाया, जिसमें पहले दी गई दो साल की सजा और जुर्माने को समाप्त कर दिया गया।
पहले क्या था मामला
यह मामला वर्ष 1996 के विधानसभा चुनाव से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, मतदान अधिकारी कृष्ण सिंह राणा ने वजीरगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि मतदान केंद्र पर फर्जी मतदान को लेकर विवाद के दौरान राज बब्बर और उनके साथियों ने मारपीट की। घटना के दौरान अन्य मतदान कर्मियों को भी चोटें आई थीं, जिसके बाद पुलिस ने जांच कर चार्जशीट दाखिल की।
निचली अदालत ने सुनाई थी सजा
साल 2022 में एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष एसीजेएम ने राज बब्बर को विभिन्न धाराओं में दोषी मानते हुए सजा सुनाई थी। इसमें कुल दो साल की कैद और 6500 रुपये का जुर्माना शामिल था। हालांकि, इस फैसले को चुनौती देते हुए राज बब्बर ने सत्र न्यायालय में अपील दायर की थी।
अपील में मिली राहत
सत्र न्यायालय ने मामले की पुनः सुनवाई के बाद पाया कि साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध नहीं होते हैं। इसके चलते अदालत ने निचली अदालत का फैसला रद्द करते हुए राज बब्बर को बरी कर दिया।
सह-आरोपी के खिलाफ मामला समाप्त
इस मामले में सह-आरोपी अरविंद यादव की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई थी, जिसके चलते उनके खिलाफ केस पहले ही समाप्त कर दिया गया था।
करीब तीन दशक पुराने इस मामले में आए फैसले ने एक बार फिर न्यायिक प्रक्रिया की लंबी अवधि और अपील प्रणाली की अहमियत को उजागर किया है। सत्र न्यायालय के इस निर्णय से राज बब्बर को बड़ी कानूनी राहत मिली है।

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