Congress vs Jaishankar Statement: पाकिस्तान टिप्पणी पर सियासी घमासान, जयराम रमेश बोले- ‘हग डिप्लोमेसी’ फेल

Congress vs Jaishankar Statement: पाकिस्तान टिप्पणी पर सियासी घमासान, जयराम रमेश बोले- ‘हग डिप्लोमेसी’ फेल

विदेश मंत्री के बयान पर कांग्रेस का हमला, विपक्ष ने सरकार की विदेश नीति पर उठाए सवाल

नई दिल्ली, एजेंसी। पश्चिम एशिया संकट को लेकर हुई सर्वदलीय बैठक के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर के पाकिस्तान संबंधी बयान पर सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है और विदेश नीति को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियां भारत की विदेश नीति की कमजोरियों को उजागर करती हैं। पार्टी के अनुसार, “गले लगाने वाली कूटनीति” (हग डिप्लोमेसी) अब पूरी तरह विफल साबित हो चुकी है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि एक अपेक्षाकृत कमजोर देश का मध्यस्थ की भूमिका में आना भारत की स्थिति पर सवाल खड़े करता है।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सरकार की विदेश नीति की आलोचना करते हुए कहा कि जिन देशों के साथ करीबी संबंध दिखाए गए, आज उन्हीं हालातों में पाकिस्तान को मध्यस्थता का मौका मिल रहा है।

वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सवाल उठाया कि जब भारत ने रूस-यूक्रेन के बीच मध्यस्थता की कोशिश की थी, तब क्या भारत को भी ‘ब्रोकर’ कहा जाना चाहिए था।

सरकार का पक्ष क्या है

सरकार की ओर से कहा गया कि पाकिस्तान की मध्यस्थता कोई नई बात नहीं है और वह लंबे समय से अमेरिका के लिए ऐसी भूमिका निभाता रहा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत किसी भी प्रकार का “दलाल देश” नहीं है और अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर चलता है।

सरकार ने यह भी जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत में पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव को जल्द समाप्त करने की आवश्यकता जताई है। भारत ने इस मुद्दे पर वैश्विक शांति और स्थिरता की जरूरत पर जोर दिया है।

क्या भारत पश्चिम एशिया मुद्दे पर सक्रिय है

विपक्ष ने आरोप लगाया है कि भारत इस संवेदनशील मुद्दे पर पर्याप्त रूप से मुखर नहीं है और उसकी प्रतिक्रिया कमजोर रही है। हालांकि सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भारत लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और अपने हितों की रक्षा के लिए सक्रिय है।

कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने कहा कि पाकिस्तान सक्रिय भूमिका निभा रहा है, जबकि भारत अपेक्षाकृत निष्क्रिय नजर आ रहा है। विपक्ष ने इस पूरे मामले पर संसद के दोनों सदनों में विस्तृत चर्चा की मांग की है।

इस मुद्दे ने एक बार फिर भारत की विदेश नीति को लेकर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। जहां विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार अपने रुख को स्पष्ट और संतुलित बता रही है।

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