गंगा एक्सप्रेसवे का काम अंतिम चरण में: मेरठ से प्रयागराज का सफर होगा आसान
मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के केंद्र मेरठ से संगम नगरी प्रयागराज तक का सफर अब हकीकत में बदलने वाला है। बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन की तैयारियां शासन स्तर पर तेज कर दी गई हैं। हाल ही में नोएडा के सीईओ और मेरठ-हापुड़ के प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया गया है, जिसके बाद इसे जल्द ही जनता के लिए खोलने के संकेत मिले हैं। ग्राउंड जीरो पर चल रहे कार्यों की गति को देखते हुए माना जा रहा है कि आधुनिक सुविधाओं से लैस यह कॉरिडोर प्रदेश की कनेक्टिविटी में मील का पत्थर साबित होगा।
मेरठ के बिजौली से शुरू होगी फर्राटेदार यात्रा
गंगा एक्सप्रेसवे का आरंभ मेरठ-हापुड़ मार्ग पर स्थित बिजौली गांव से होगा। यहाँ से वाहन चालक अत्याधुनिक तकनीक से निर्मित सड़क पर रफ्तार भरते हुए सीधे प्रयागराज तक पहुँच सकेंगे। इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 594 किलोमीटर है। अधिकारियों के अनुसार, लगभग 421 किलोमीटर के हिस्से पर ट्रायल रन और गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है ताकि भविष्य में यात्रियों को किसी भी तकनीकी समस्या या असुविधा का सामना न करना पड़े।
12 जनपदों को जोड़ेगा एक्सप्रेसवे, मात्र 7 घंटे में प्रयागराज
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई और उन्नाव समेत कुल 12 जनपदों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। सबसे बड़ी राहत समय की बचत को लेकर है; वर्तमान में मेरठ से प्रयागराज जाने में लगने वाले समय के मुकाबले अब यात्री मात्र सात घंटे में अपनी मंजिल तक पहुँच सकेंगे। यह कॉरिडोर न केवल लंबी दूरी के यात्रियों के लिए वरदान साबित होगा, बल्कि रास्ते में पड़ने वाले जनपदों के स्थानीय लोगों के लिए भी आवाजाही के रास्ते सुगम बना देगा।
औद्योगिक गलियारे से व्यापार को मिलेगी नई उड़ान
गंगा एक्सप्रेसवे केवल यातायात का माध्यम ही नहीं, बल्कि आर्थिक विकास का इंजन भी बनेगा। सरकार एक्सप्रेसवे के किनारे विशाल औद्योगिक गलियारे विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ मिलकर रणनीति तैयार की जा रही है ताकि औद्योगिक गतिविधियों को विस्तार मिले और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हों। कयास लगाए जा रहे हैं कि अप्रैल के अंतिम सप्ताह या मई माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश की जनता को इस विशाल परियोजना की सौगात दे सकते हैं।
आधुनिक परिवहन का हब बनता मेरठ
मेरठ अब कनेक्टिविटी के मामले में देश के अग्रणी शहरों के साथ कदमताल कर रहा है। शहर में प्रवेश के लिए अब बिजनौर, बागपत, दिल्ली, हापुड़ और गढ़ जैसे क्षेत्रों से बेहतरीन नेशनल हाईवे की सुविधा उपलब्ध है। एक्सप्रेसवे के साथ-साथ मेरठ अब नमो भारत ट्रेन (आरआरटीएस) के जरिए दिल्ली से भी सीधे जुड़ चुका है, जिससे राजधानी की दूरी मात्र 58 मिनट रह गई है। गंगा एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद मेरठ उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण ट्रांसपोर्ट हब के रूप में अपनी पहचान और मजबूत कर लेगा।
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