Liver Disease in Youth: सावधान! युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है लिवर की बीमारियों का खतरा, रिसर्च में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
Liver Disease in Youth: सावधान! युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है लिवर की बीमारियों का खतरा, रिसर्च में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
यूपी आज लाइव टीम। वर्तमान दौर में बदलती जीवनशैली और खान-पान की गलत आदतें युवाओं के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही हैं। डिब्बा बंद भोजन, फास्ट फूड के अत्यधिक सेवन और शराब व धूम्रपान की लत कम उम्र में ही गंभीर बीमारियों का मुख्य कारण बन रही है। एक हालिया अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ है कि खराब जीवनशैली के कारण मोटापा और मधुमेह के बाद अब लिवर भी तेजी से बीमार पड़ रहा है। विशेष रूप से 25 से 30 वर्ष की आयु के युवाओं में फैटी लिवर, लिवर फाइब्रोसिस और लिवर सिरोसिस जैसी बीमारियों का मिलना चिकित्सा जगत के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मरीजों में आगे चलकर लिवर फेलियर और कैंसर होने की संभावना काफी प्रबल हो जाती है।
देशभर के 48 प्रमुख मधुमेह रोग विशेषज्ञों, फिजिशियनों और एंडोक्राइनोलॉजिस्टों द्वारा किए गए एक व्यापक अध्ययन में 18 से 70 वर्ष की आयु के कुल 9,202 मरीजों को शामिल किया गया। सात महीने तक चले इस शोध के परिणाम बेहद डराने वाले हैं। अध्ययन में शामिल 26.1 प्रतिशत मरीजों में लिवर फाइब्रोसिस की समस्या पाई गई, जिनमें से 14 प्रतिशत की स्थिति अत्यंत गंभीर थी। वहीं, 5 प्रतिशत मरीजों में लिवर सिरोसिस जैसी खतरनाक परेशानी पहले से ही मौजूद थी। रिपोर्ट के अनुसार, इन मरीजों में लिवर के साथ-साथ अन्य बीमारियां भी घर कर चुकी हैं, जिनमें 7 प्रतिशत हृदय रोग, 46 प्रतिशत उच्च रक्तचाप (बीपी) और 47 प्रतिशत बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित पाए गए।
युवाओं पर जीवनशैली का प्रहार और उभरते लक्षण
इस शोध में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि कुल लिवर मरीजों में से 16 प्रतिशत की उम्र केवल 25 से 30 साल के बीच है। इन युवा मरीजों में लगातार थकान, शारीरिक कमजोरी, भूख न लगना, शरीर पर सूजन और पीलिया जैसे लक्षण मुख्य रूप से देखे गए। अध्ययन में शामिल कुल आबादी में 5,613 पुरुष और 3,589 महिला मरीज शामिल थीं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि लिवर की बीमारियां लिंग भेद से परे हर वर्ग को अपनी चपेट में ले रही हैं।
देरी से लक्षण उभरना बना रहा है बीमारी को घातक
इस शोध का हिस्सा रहे एसएन मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. प्रभात अग्रवाल ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि आज की युवा पीढ़ी शराब, गुटखा और पैकेट बंद खाने को एक शौक के तौर पर शुरू करती है, जो धीरे-धीरे एक लाइलाज लत में तब्दील हो जाती है। लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होने, उसके सिकुड़ने या कठोर होने जैसी समस्याएं एकदम से नहीं बल्कि लंबे समय के बाद सामने आती हैं। कई बार बीमारी के लक्षण बहुत देरी से उभरते हैं, जिससे इलाज शुरू होने तक स्थिति काफी गंभीर हो चुकी होती है। उन्होंने आगाह किया है कि यदि युवाओं ने अपनी जीवनशैली में समय रहते सुधार नहीं किया, तो भविष्य में इसके परिणाम और भी घातक हो सकते हैं।
लिवर को स्वस्थ रखने के लिए विशेषज्ञ परामर्श
चिकित्सकों ने लिवर की बीमारियों से बचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुधारों की सलाह दी है। सबसे पहले शराब, धूम्रपान और किसी भी प्रकार के तंबाकू के सेवन को पूरी तरह त्यागना अनिवार्य है। आहार में डिब्बा बंद भोजन और जंक फूड को कम कर सलाद, ताजे फल और पौष्टिक भोजन को प्राथमिकता देनी चाहिए। शारीरिक सक्रियता बनाए रखने के लिए रोजाना कम से कम 10 हजार कदम चलना और वजन को नियंत्रित रखना लिवर के स्वास्थ्य के लिए संजीवनी के समान है। इसके अलावा, तनाव मुक्त जीवन के लिए रोजाना 6 से 8 घंटे की पर्याप्त और स्वस्थ नींद लेना भी बेहद जरूरी है।

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