दिल्ली क्राइम ब्रांच का बड़ा खुलासा: मेरठ में अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़, 25 पेन पिस्टल बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली क्राइम ब्रांच का बड़ा खुलासा: मेरठ में अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़, 25 पेन पिस्टल बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, मेरठ में अवैध हथियार यूनिट पकड़ी
नई दिल्ली/मेरठ, संवाद सूत्र। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मेरठ में चल रही एक गुप्त हथियार निर्माण यूनिट का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो लंबे समय से अवैध हथियारों की आपूर्ति में सक्रिय बताए जा रहे हैं।
बदली रेलवे स्टेशन से मिली पहली सफलता
क्राइम ब्रांच की एनआर-द्वितीय यूनिट को सूचना मिली थी कि मेरठ से दिल्ली तक अवैध हथियारों की सप्लाई की जा रही है। इसी इनपुट के आधार पर 19 मार्च को दिल्ली के बदली रेलवे स्टेशन के पास हसीर उर्फ शूटर को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से दो सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, एक पेन पिस्टल और छह जिंदा कारतूस बरामद हुए।
पूछताछ में मेरठ कनेक्शन का खुलासा
पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि वह मेरठ निवासी परवेज उर्फ फर्रू से हथियार लेकर दिल्ली में सप्लाई करता था। इसके बाद पुलिस ने अदालत से रिमांड लेकर मामले की गहन जांच शुरू की और मेरठ में छापेमारी की योजना बनाई।
मेरठ में छापा, भारी मात्रा में हथियार और उपकरण बरामद
एसीपी के नेतृत्व में गठित टीम ने मेरठ पहुंचकर परवेज उर्फ फर्रू के ठिकाने पर छापा मारा। आरोपी को मौके से भागने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान मकान की ऊपरी मंजिल से भारी मात्रा में अवैध हथियार और निर्माण में उपयोग होने वाले उपकरण बरामद किए गए। इनमें चौबीस पेन पिस्टल, बड़ी संख्या में मैगजीन, बैरल, स्लाइड, पिस्टल बॉडी, छोटे पुर्जे और ड्रिल मशीन शामिल हैं। सभी सामान को जब्त कर लिया गया है।
पेन पिस्टल: भीड़ में खतरनाक हथियार
इस कार्रवाई में कुल पच्चीस पेन पिस्टल बरामद की गईं, जो दिखने में सामान्य पेन जैसी होती हैं लेकिन बेहद घातक साबित हो सकती हैं। पुलिस के अनुसार ऐसे हथियारों का इस्तेमाल भीड़भाड़ वाले इलाकों में आसानी से किया जा सकता है, जिससे इनकी खतरनाकता और बढ़ जाती है।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया
मुख्य आरोपी परवेज उर्फ फर्रू का आपराधिक इतिहास काफी लंबा बताया जा रहा है। वह पहले भी अवैध हथियारों के मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। वर्ष 2017 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा उसे गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। उस पर कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वहीं दूसरा आरोपी हसीर उर्फ शूटर भी कई आपराधिक मामलों में शामिल पाया गया है।
पूछताछ जारी, नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनके नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध हथियार सप्लाई चेन में और कौन-कौन शामिल हैं। इस कार्रवाई को अवैध हथियारों के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।

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