सीएम योगी और उनकी माता पर अभद्र टिप्पणी का मामला: आरोपी मौलाना अब्दुल सलीम गिरफ्तार


सीएम योगी और उनकी माता पर अभद्र टिप्पणी का मामला: आरोपी मौलाना अब्दुल सलीम गिरफ्तार

बहराइच, एजेंसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी पूजनीय माता जी के विरुद्ध अपमानजनक और अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने वाले आरोपी मौलाना अब्दुल सलीम को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है। मंगलवार को हुई इस बड़ी कार्रवाई के अंतर्गत एसटीएफ की टीम ने आरोपी को बिहार राज्य से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के पश्चात आरोपी को उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में लाया गया, जहाँ विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।

एसटीएफ ने बिहार से दबोचा, नगर कोतवाली में हुई गहन पूछताछ


पुलिस प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिहार निवासी मौलाना अब्दुल सलीम को ट्रांजिट रिमांड पर बहराइच लाया गया। यहाँ नगर कोतवाली में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने आरोपी से लगभग आधे घंटे तक सघन पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा दिए गए बयानों और साक्ष्यों का मिलान किया गया। इसके उपरांत आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उसे जिला कारागार भेजने का आदेश जारी कर दिया। वर्तमान में आरोपी बहराइच की जिला जेल में बंद है।

 विश्व हिंदू परिषद की शिकायत पर दर्ज हुआ था मुकदमा

उल्लेखनीय है कि कुछ समय पूर्व मौलाना अब्दुल सलीम का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उसने मुख्यमंत्री की माता पर अत्यंत आपत्तिजनक और विवादित टिप्पणी की थी। इस बयान के सार्वजनिक होने के बाद हिंदू समाज और संगठन में भारी रोष व्याप्त हो गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्व हिंदू परिषद के विधि प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष अजीत प्रताप सिंह ने विगत 8 मार्च को बहराइच की नगर कोतवाली में लिखित तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके अतिरिक्त प्रदेश के अन्य जनपदों में भी आरोपी के खिलाफ समान प्रकृति के मुकदमे पंजीकृत किए गए थे, जिसके बाद से ही पुलिस और एसटीएफ की टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई थीं।

विधिक कार्रवाई और जांच जारी

एएसपी नगर अशोक सिंह ने इस प्रकरण की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी कानून के दायरे में रहकर की गई है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई निरंतर जारी है। पुलिस प्रशासन अब उन अन्य पहलुओं की भी बारीकी से जांच कर रहा है कि इस प्रकार की विवादास्पद टिप्पणी के पीछे आरोपी की क्या मंशा थी और क्या इसमें किसी अन्य संगठन या व्यक्ति की संलिप्तता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने और संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के विरुद्ध अभद्रता करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

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