CM Yogi Lucknow News: आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मिले स्मार्टफोन, मुख्यमंत्री योगी बोले- अब रियलटाइम डेटा से मिलेगी विकास को रफ्तार

लखनऊ, एजेंसी। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित लोकभवन में सोमवार को आयोजित एक गरिमामय समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं और मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन के साथ-साथ उनके नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर चल रही कल्याणकारी योजनाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ना और डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करना है। स्मार्टफोन के वितरण से अब विभाग की पहुंच और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी होने की उम्मीद है।

बच्चों के स्वास्थ्य की होगी सटीक निगरानी

स्मार्टफोन के साथ ही मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 'ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस' का भी वितरण किया। इन उपकरणों में बच्चों की लंबाई और वजन मापने की आधुनिक मशीनें शामिल हैं, जिससे कुपोषण के विरुद्ध चल रही जंग को मजबूती मिलेगी। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि इन डिवाइसों की मदद से बच्चों के स्वास्थ्य और उनके पोषण स्तर की सटीक निगरानी संभव हो पाएगी। विभाग अब बच्चों के शारीरिक विकास का डेटा तुरंत प्राप्त कर सकेगा, जिससे समय रहते आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे और बाल विकास की योजनाओं को नई गति प्राप्त होगी।

रियलटाइम डेटा और रैंकिंग सुधार पर जोर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मार्टफोन की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अक्सर यह देखने में आता था कि हमारी आंगनबाड़ी बहनें कड़ी मेहनत तो करती हैं, लेकिन उनके कार्यों का रियलटाइम डेटा समय पर लखनऊ मुख्यालय तक नहीं पहुँच पाता था। डेटा समय पर अपलोड न होने के कारण राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग में प्रदेश पिछड़ जाता था। सीएम ने विश्वास जताया कि अब हर कार्यकत्री के हाथ में स्मार्टफोन होने से डेटा फीडिंग की प्रक्रिया त्वरित होगी और उत्तर प्रदेश की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

महिला सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम

मुख्यमंत्री ने विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि कार्यकत्रियों की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए तकनीक का समावेश अनिवार्य है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि तकनीकी रूप से सक्षम होने के बाद वे और भी बेहतर ढंग से समाज की सेवा कर सकेंगी। इस पहल से न केवल विभागीय पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि यह महिला सशक्तीकरण की दिशा में भी एक क्रांतिकारी मील का पत्थर साबित होगा। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे और इसमें तकनीक एक सेतु का कार्य करेगी।

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