मेरठ: गैस सिलेंडरों के लिए मची त्राहि-त्राहि, एजेंसियों पर उपभोक्ताओं का भारी हंगामा



मेरठ: गैस सिलेंडरों के लिए मची त्राहि-त्राहि, एजेंसियों पर उपभोक्ताओं का भारी हंगामा

मेरठ, संवाद सूत्र। महानगर में घरेलू गैस आपूर्ति का संकट गहराता जा रहा है। सोमवार को शहर की विभिन्न गैस एजेंसियों पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लालकुर्ती स्थित राणा गैस एजेंसी, गढ़ रोड स्थित मोहन और मीरा गैस एजेंसी सहित कई केंद्रों पर स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब घंटों इंतजार के बाद भी लोगों को सिलेंडर नहीं मिले। गुस्साए उपभोक्ताओं ने गैस कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस और प्रशासनिक टीम को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी।

ऑनलाइन बुकिंग और होम डिलीवरी ठप, कालाबाजारी के आरोप

उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस एजेंसियों पर ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम पूरी तरह से काम नहीं कर रहा है, जिसके कारण उन्हें मजबूरन केंद्रों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि एजेंसी संचालक सिलेंडरों की कालाबाजारी कर रहे हैं। कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि उन्होंने फरवरी माह में कोई सिलेंडर बुक नहीं कराया, फिर भी रिकॉर्ड में उसे 'डिलीवर्ड' दिखाया जा रहा है। अब नया सिलेंडर बुक करने के लिए 10 से 20 दिन का इंतजार बताया जा रहा है, जिससे आम जनता में गहरा रोष है।

प्रशासनिक दावों की खुली पोल, टोकन व्यवस्था भी फेल

एक ओर जिला प्रशासन लगातार दावा कर रहा है कि जनपद में गैस की कोई कमी नहीं है और कोटे के सिलेंडर सबको मिलेंगे, वहीं दूसरी ओर धरातल पर स्थिति इसके उलट है। उपभोक्ताओं ने बताया कि केंद्रों पर टोकन तो बांटे गए, लेकिन उसके तुरंत बाद बुकिंग बंद कर दी गई। प्रशासन का कहना है कि अब बुकिंग की अवधि 15 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है, लेकिन यह व्यवस्था भी उपभोक्ताओं की समस्याओं को कम करने में नाकाम साबित हो रही है।

मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों और गोदामों पर उमड़ी भीड़

शहर के हुमायूंनगर स्थित तिरंगा गैस एजेंसी के गोदाम पर सुबह 6 बजे से ही लोगों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। लोगों का कहना है कि नियमों के मुताबिक सिलेंडर की होम डिलीवरी होनी चाहिए, लेकिन बुकिंग के बावजूद हफ्तों तक सिलेंडर घर नहीं पहुँच रहे हैं। शास्त्री नगर स्थित चेतना गैस एजेंसी और कंकरखेड़ा की मधु गैस एजेंसी पर भी केवाईसी (KYC) और बुकिंग के लिए मारामारी मची रही। ऑनलाइन सर्वर में दिक्कत के चलते लोग सीधे एजेंसी पहुंचने को मजबूर हैं।

अस्पतालों और मेस में संकट, लकड़ी जलाने की नौबत

गैस संकट का असर अब केवल घरों तक सीमित नहीं रहा है। कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने से मेस, कैंटीन और अस्पतालों में भी दिक्कतें शुरू हो गई हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि जिला अस्पताल जैसी जगहों पर भी खाना बनाने के लिए लकड़ी का उपयोग करना पड़ रहा है। निर्देशानुसार कनेक्शन के सापेक्ष मात्र 20 फीसदी सिलेंडर ही मिल पा रहे हैं। इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय का कहना है कि गैस कंपनियों से निरंतर संपर्क साधा जा रहा है और जल्द ही आपूर्ति सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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