मेरठ स्मार्ट प्रीपेड मीटर विवाद, सर्वर फेल और गलत बिलिंग से व्यापारी नाराज


मेरठ स्मार्ट प्रीपेड मीटर विवाद, सर्वर फेल और गलत बिलिंग से व्यापारी नाराज

बिजली कटौती, बैलेंस अपडेट में दिक्कत और समाधान न मिलने पर व्यापारियों का विरोध तेज

मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि।  मेरठ में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर व्यवस्था को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। शहर के व्यापारियों ने सर्वर फेल होने, गलत बिलिंग और बार-बार बिजली कटने जैसी समस्याओं को लेकर नाराजगी जताई है। समस्या का समाधान न होने पर व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन कर अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचाई हैं।

व्यापारियों में बढ़ता असंतोष

शहर के विभिन्न बाजारों से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर लागू होने के बाद उनकी परेशानियां कम होने के बजाय बढ़ गई हैं। उनका आरोप है कि बिजली बिल में गड़बड़ी आ रही है, जबकि कई बार बैलेंस होने के बावजूद अचानक सप्लाई बंद हो जाती है। इससे कारोबार प्रभावित हो रहा है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

सर्वर फेल और तकनीकी खामियां बनी वजह

व्यापारियों के अनुसार, मीटर से जुड़ा सर्वर बार-बार काम करना बंद कर देता है, जिससे रिचार्ज और बैलेंस अपडेट में देरी होती है। मोबाइल एप और ऑनलाइन सिस्टम भी कई बार सही तरीके से काम नहीं करते, जिससे उपभोक्ताओं को समय पर जानकारी नहीं मिल पाती। इन तकनीकी समस्याओं के चलते लोगों को अनावश्यक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

समाधान न मिलने पर प्रदर्शन की चेतावनी

व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो व्यापारी सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि कई बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है, जिससे उनका आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

बिजली विभाग का पक्ष

वहीं बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर प्रणाली उपभोक्ताओं को अधिक पारदर्शिता और नियंत्रण देने के उद्देश्य से लागू की गई है। विभाग के मुताबिक, इस व्यवस्था में उपभोक्ता अपनी खपत और खर्च पर नजर रख सकते हैं और जरूरत के अनुसार रिचार्ज कर सकते हैं। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि तकनीकी खामियों को दूर करने के प्रयास जारी हैं।

नई व्यवस्था के फायदे भी गिनाए

अधिकारियों के अनुसार, इस सिस्टम में बिलिंग की पारदर्शिता बढ़ती है और उपभोक्ता को पहले से ही अपने खर्च का अंदाजा हो जाता है। साथ ही, समय-समय पर मिलने वाली सूचनाओं के जरिए बिजली उपयोग को बेहतर तरीके से प्रबंधित किया जा सकता है। हालांकि, मौजूदा समस्याओं के चलते उपभोक्ता इन सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।

मेरठ में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर चल रहा विवाद प्रशासन के लिए चुनौती बनता जा रहा है। यदि समय रहते तकनीकी दिक्कतों का समाधान नहीं किया गया, तो यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है। फिलहाल सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि विभाग कब तक स्थिति को सामान्य कर पाता है।

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