ऐतिहासिक नौचंदी मेले में भ्रष्टाचार का खेल: आरटीआई एक्टिविस्ट संदीप पहल ने खोला मोर्चा
मेरठ (यूपी आज लाइव टीम)। मेरठ की आन-बान-शान कहे जाने वाले ऐतिहासिक प्रांतीय नौचंदी मेले को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। प्रख्यात आरटीआई कार्यकर्ता डॉ. संदीप पहल एडवोकेट ने जिला प्रशासन और स्थानीय भू-माफियाओं के गठजोड़ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बुधवार को वेस्टर्न कचहरी रोड स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने दावा किया कि मेले के नाम पर प्रतिवर्ष लाखों रुपये का वारा-न्यारा किया जा रहा है और इस ऐतिहासिक विरासत को जानबूझकर खत्म करने की साजिश रची जा रही है।
350 साल पुरानी विरासत पर 'कमीशनखोरी' का साया
डॉ. संदीप पहल ने बताया कि लगभग साढ़े तीन सौ साल से निरंतर लग रहा यह मेला वर्ष 2021 में 'प्रांतीय मेला' घोषित किया गया था। नियमानुसार, इसे सीधे जिलाधिकारी की देख-रेख में ही आयोजित किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब शासन इसके सुचारू संचालन के लिए लाखों रुपये (वर्ष 2025 में करीब 60 लाख रुपये) आवंटित करता है, तो फिर इसे निजी स्वार्थों की भेंट क्यों चढ़ाया जा रहा है? आरोप है कि उद्घाटन के एक महीने बाद तक मेला शुरू न होना केवल ठेकेदारों, झूले वालों और पार्किंग संचालकों से 'कमीशन सेटिंग' बैठाने का एक जरिया बन गया है।
संवैधानिक नियमों की अनदेखी और 'बंदरबाँट'
प्रेसवार्ता के दौरान डॉ. पहल ने स्पष्ट किया कि नौचंदी मेले को प्रांतीय दर्जा मिलने के बाद नगर निगम या जिला पंचायत का इसमें सीधा हस्तक्षेप गैर-कानूनी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "दुनिया में ऐसा कहीं नहीं होता कि खेल प्रतियोगिता का उद्घाटन पहले हो जाए और मैच एक महीने बाद शुरू हों, लेकिन नौचंदी मेले को ऐसा ही तमाशा बना दिया गया है।" उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी और कुछ स्थानीय नेता मिलकर इस मेले को असफल करने में लगे हैं ताकि उनके निजी हितों की पूर्ति हो सके।
दिल्ली रोड पर चल रहे 'अवैध' मेले पर उठाए सवाल
आरटीआई कार्यकर्ता ने दिल्ली रोड स्थित रामलीला मैदान में लगाए जा रहे एक निजी मेले का उदाहरण देते हुए प्रशासन को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि दीपक जैन नामक व्यक्ति द्वारा बिना सभी विभागों की अनिवार्य अनुमति के मेला चलाया जा रहा है, जिसमें अधिकारियों के साथ मोटी रकम की बंदरबाँट होती है। उन्होंने मांग की कि नौचंदी मेले की प्रतिष्ठा बचाने के लिए दिल्ली रोड पर चल रहे इस अवैध मेले की अनुमति तत्काल निरस्त कर इसे बंद कराया जाए।
आर-पार की जंग: जल्द होगा बड़े घोटाले का पर्दाफाश
डॉ. संदीप पहल ने कहा कि उन्होंने 14 मार्च 2026 को ही मंडलायुक्त और जिलाधिकारी को पत्र भेजकर इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कार्रवाई शून्य है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि मेरठ में संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को परंपराओं और सामाजिक सरोकारों से कोई लेना-देना नहीं रह गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि वह नौचंदी मेले से जुड़े सभी गुप्त अभिलेख एकत्रित कर रहे हैं और जल्द ही पिछले कई वर्षों से हो रहे इस बड़े आर्थिक घोटाले का कच्चा चिट्ठा जनता के सामने रखेंगे।
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