वृंदावन: "मध्य-पूर्व युद्ध से दुनिया को खतरा, बदले की भावना से केवल विनाश", संघ प्रमुख मोहन भागवत की चेतावनी


 

वृंदावन: "मध्य-पूर्व युद्ध से दुनिया को खतरा, बदले की भावना से केवल विनाश", संघ प्रमुख मोहन भागवत की चेतावनी

मथुरा (एजेंसी): राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने विश्व में बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थितियों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। वृंदावन के रुक्मिणी विहार स्थित नवनिर्मित 'जीवनदीप आश्रम' के भव्य लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने शांति और सौहार्द का वैश्विक संदेश दिया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और स्वामी यतिंद्रानंद महाराज सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

जीवन के थपेड़ों से लड़ें, हार न मानें

समारोह को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने मानवीय संघर्षों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली कठिनाइयां और उतार-चढ़ाव व्यक्ति को मजबूत बनाने के लिए होते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि 'जीवन के थपेड़ों से लड़ना है, उनसे हारना नहीं है।' उन्होंने आश्रमों की महत्ता बताते हुए कहा कि ये स्थान केवल आध्यात्मिक केंद्र नहीं हैं, बल्कि शरीर को ऊर्जावान और तेजस्वी बनाने के स्रोत भी हैं।

मध्य-पूर्व के युद्ध पर चिंता: कलह से किसी का भला नहीं

विश्व पटल पर जारी संघर्षों, विशेषकर मध्य-पूर्व (Middle East) के युद्ध का उल्लेख करते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि वर्तमान में व्याप्त कलह से पूरी मानवता को नुकसान हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बदले की भावना से किए जा रहे कार्य कभी सही नहीं हो सकते। उन्होंने दुनिया को शांति और आपसी भाईचारे के मार्ग पर चलने की आवश्यकता पर बल दिया।

धर्मांतरण और घुसपैठ पर समाज को किया सजग

अपने संबोधन के दौरान मोहन भागवत ने आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक अखंडता के मुद्दों को भी छुआ। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण जैसी चुनौतियों से निपटने की जिम्मेदारी केवल कानून की नहीं है, बल्कि पूरे समाज को एकजुट होकर इसके प्रति जागरूक होना होगा। उन्होंने घुसपैठियों के प्रति भी सजग रहने की बात कही।

विदेशी घुसपैठ और रोजगार पर कड़ा रुख

संघ प्रमुख ने बिना अनुमति देश में प्रवेश करने वाले और अवैध रूप से रोजगार प्राप्त करने वाले विदेशियों के प्रति सख्त रुख अपनाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और संसाधनों के संरक्षण के लिए समाज का सतर्क रहना अनिवार्य है। समारोह में उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।

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