मेरठ: हाउस टैक्स बकाया पर नगर निगम सख्त, 31 मार्च के बाद लगेगा भारी जुर्माना


मेरठ: हाउस टैक्स बकाया पर नगर निगम सख्त, 31 मार्च के बाद लगेगा भारी जुर्माना

मेरठ, संवाद सूत्र।  वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति के साथ ही मेरठ नगर निगम ने हाउस टैक्स वसूली के लिए 'कैरेट एंड स्टिक' (पुरस्कार और दंड) की नीति अपनाते हुए सख्ती बढ़ा दी है। निगम का लक्ष्य 15 करोड़ रुपये से अधिक के बकाये की तत्काल वसूली करना है। 31 मार्च तक टैक्स जमा करने वालों को जहाँ 20 प्रतिशत की विशेष छूट दी जा रही है, वहीं बड़े बकायेदारों के खिलाफ सीलिंग और कुर्की जैसी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

10 लाख से ऊपर के बकायेदारों पर सीलिंग की तलवार

नगर निगम ने उन 300 से अधिक भवन स्वामियों को चिन्हित किया है, जिन पर 10 लाख रुपये से अधिक का टैक्स बकाया है। प्रवर्तन दल ताला-चाबी लेकर मैदान में उतर चुके हैं और बड़े बकायेदारों की संपत्तियों को सील करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अब तक लगभग 17 भवनों को सील किया जा चुका है, जिससे शहर के बड़े करदाताओं में हड़कंप मचा हुआ है।

50 हजार से अधिक के बकाये पर विशेष फोकस

नगर आयुक्त सौरभ गंगवार के निर्देशानुसार, 50,000 रुपये से अधिक के बकायेदारों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कुल 125 करोड़ रुपये के राजस्व लक्ष्य में से लगभग 80-90% वसूली पूरी हो चुकी है। हालांकि, अभी भी 300 लोगों पर 10 लाख से ज्यादा और 400 लोगों पर 5 से 10 लाख रुपये का टैक्स बकाया है। निगम का लक्ष्य 31 मार्च तक 100% वसूली सुनिश्चित करना है।

छूट का लाभ लेने का अंतिम अवसर

करदाताओं के लिए राहत की बात यह है कि 31 मार्च 2026 तक कर जमा करने पर उन्हें 20% की छूट का लाभ मिलेगा। लेकिन, जैसे ही 1 अप्रैल की समय सीमा शुरू होगी, न केवल यह छूट समाप्त हो जाएगी, बल्कि बकाया राशि पर भारी ब्याज भी वसूलना शुरू कर दिया जाएगा। नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी।

राजस्व वृद्धि के लिए प्रवर्तन दल सक्रिय

मेरठ शहर के विभिन्न जोनों में निगम की टीमें सक्रिय हैं। कर वृद्धि के बावजूद राजस्व लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन संपत्तियों की सूची तैयार की गई है जिन्होंने वर्षों से भुगतान नहीं किया है। नगर निगम अधिकारियों ने अपील की है कि सीलिंग और कानूनी कार्रवाई की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए नागरिक समय पर अपने करों का भुगतान करें और शहर के विकास में सहभागी बनें।

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