मेरठ: झुग्गी वासियों को आवास देने की मांग, शिवसेना ने खोला मोर्चा



मेरठ: झुग्गी वासियों को आवास देने की मांग, शिवसेना ने खोला मोर्चा

मेरठ, संवाद सूत्र। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुँचाने की मांग को लेकर सोमवार को मेरठ में जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ। शिवसेना के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने कमिश्नरी चौराहे पर एकत्र होकर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी कार्यालय को ज्ञापन सौंपकर झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले गरीबों के लिए पक्के घरों की मांग की।

डूडा विभाग पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

ज्ञापन सौंपते समय प्रदर्शनकारियों ने नगर विकास अभिकरण (डूडा) की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि विभाग में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार के कारण गरीब झुग्गी वासियों को योजना से वंचित रखा जा रहा है। शिवसेना नेताओं ने कहा कि इस योजना का लाभ उन संपन्न लोगों को दिया जा रहा है जो इसके पात्र नहीं हैं, जबकि वास्तविक जरूरतमंद आज भी सड़कों पर रात बिताने को मजबूर हैं। इसी भेदभाव के कारण शहर में झुग्गी-झोपड़ियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।

विस्थापन से पहले पुनर्वास की मांग

प्रदर्शन के दौरान गढ़ रोड स्थित रंगोली मंडप के पास नाले किनारे बसी बस्तियों का मुद्दा प्रमुखता से उठा। कार्यकर्ताओं ने बताया कि प्रशासन इन झुग्गियों को हटाने की चेतावनी दे रहा है, जिससे गरीब परिवारों में गहरा आक्रोश है। शिवसेना ने स्पष्ट किया कि प्रशासन किसी भी कार्रवाई से पहले इन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान आवंटित करे। बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उजाड़ना न्यायसंगत नहीं है।

आंदोलन की चेतावनी और कानून व्यवस्था

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जबरन झुग्गियों को हटाने का प्रयास किया, तो इससे कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। ज्ञापन में कहा गया कि यदि समय रहते गरीबों को उनका हक नहीं मिला, तो शिवसेना झुग्गी वासियों के साथ मिलकर एक बड़ा जन आंदोलन शुरू करेगी। कार्यकर्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि भविष्य में होने वाले किसी भी विवाद या विरोध की पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की होगी।

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