शहीदों का अपमान बर्दाश्त नहीं: सीएम योगी सख्त, कंपनी ब्लैकलिस्ट और दोषी अफसर निलंबित


शहीदों का अपमान बर्दाश्त नहीं: सीएम योगी सख्त, कंपनी ब्लैकलिस्ट और दोषी अफसर निलंबित

लखनऊ एजेंसी।  शाहजहांपुर में सड़क चौड़ीकरण के दौरान शहीदों की प्रतिमाएं खंडित होने की घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने इस कृत्य को शहीदों का घोर अपमान बताते हुए दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित निर्माण कंपनी को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है और जिम्मेदार अधिकारियों पर निलंबन की गाज गिरी है।

लापरवाह कंपनी पर एफआईआर और ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई

मुख्यमंत्री के आदेश के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सड़क चौड़ीकरण का कार्य कर रही निजी कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के नाम पर महापुरुषों और शहीदों की गरिमा से खिलवाड़ कतई स्वीकार्य नहीं है। आदेशानुसार, कंपनी को न केवल ब्लैकलिस्ट किया गया है, बल्कि उससे चल रहे सभी प्रोजेक्ट्स भी वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

जवाबदेह अधिकारियों पर गिरी गाज, कई हुए निलंबित

इस पूरे प्रकरण में प्रशासनिक लापरवाही को देखते हुए मुख्यमंत्री ने उन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश दिया है, जिनकी देखरेख में यह कार्य हो रहा था। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, फील्ड पर तैनात जिम्मेदार अफसरों की जवाबदेही तय की गई है। सरकार का संदेश साफ है कि कार्यस्थल पर होने वाली ऐसी किसी भी संवेदनहीनता के लिए सीधे तौर पर संबंधित विभाग के अधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे।

मूर्तियों को ससम्मान पुनर्स्थापित करने का आदेश

शहीदों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि खंडित प्रतिमाओं के स्थान पर नई और भव्य प्रतिमाओं को पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ उचित स्थान पर पुनर्स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार शहीदों के बलिदान का सर्वोच्च सम्मान करती है और उनकी स्मृतियों को संजोना हमारी प्राथमिकता है। इस घटना से आहत स्थानीय लोगों और शहीद परिवारों को न्याय दिलाने का भरोसा भी सरकार ने दिया है।

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