मेरठ: मृत मां को जीवित दिखाकर बेटे ने डकारी 44 लाख की पेंशन, कोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज

मेरठ: मृत मां को जीवित दिखाकर बेटे ने डकारी 44 लाख की पेंशन, कोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज

मेरठ (यूपी आज लाइव टीम)। जनपद के दौराला क्षेत्र में धोखाधड़ी और जालसाजी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक शख्स ने अपनी मृत मां को कागजों में जीवित दिखाकर बैंक से करीब 44 लाख रुपये की पेंशन राशि हड़प ली। इस बड़े घोटाले का खुलासा होने के बाद, कोर्ट के कड़े रुख पर पुलिस ने मुख्य आरोपी और उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सात वर्षों तक चलता रहा जालसाजी का खेल

मामला थाना दौराला क्षेत्र के गांव शाहपुर जदीद का है। यहाँ की निवासी शांति देवी का पेंशन खाता भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की सकौती टांडा शाखा में संचालित था। सरकारी अभिलेखों के अनुसार, शांति देवी का निधन 9 दिसंबर 2018 को ही हो चुका था। आरोप है कि उनके पुत्र प्रेम सिंह ने अपनी मां की मृत्यु की खबर छिपाकर, अज्ञात साथियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और लगातार सात वर्षों तक अवैध रूप से पेंशन प्राप्त करता रहा।

फर्जी 'लाइफ सर्टिफिकेट' से बैंक को दी मात

प्राथमिकी (FIR) के मुताबिक, आरोपी प्रेम सिंह हर साल बैंक में अपनी मृत मां के नाम का फर्जी 'जीवित प्रमाण पत्र' (Life Certificate) जमा करता था। बैंक अधिकारियों को गुमराह कर उसने एटीएम और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए खाते से कुल 44 लाख 38 हजार 96 रुपये की भारी-भरकम राशि निकाल ली। बैंक को इस धोखाधड़ी की भनक तक नहीं लगी, जबकि महिला की मौत के बाद नियमानुसार पेंशन तुरंत बंद हो जानी चाहिए थी।

प्रशासनिक जांच में खुली पोल

इस पूरे घोटाले का पर्दाफाश तब हुआ जब उपजिलाधिकारी (SDM) सरधना के कार्यालय से एक जांच पत्र बैंक को प्राप्त हुआ। जांच में सामने आया कि जिस महिला के नाम पर लाखों रुपये निकाले जा रहे हैं, वह वर्षों पहले दुनिया छोड़ चुकी है। बैंक प्रबंधन ने इसके बाद 27 नवंबर 2025 को पुलिस में शिकायत दी, लेकिन शुरुआत में कार्रवाई न होने पर मामला न्यायालय पहुंचा।

कोर्ट के आदेश पर कानूनी शिकंजा

मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने पुलिस को तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए। दौराला पुलिस ने आरोपी प्रेम सिंह और उसके सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना (दस्तावेजों में हेराफेरी) और अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। क्षेत्राधिकारी (CO) ने बताया कि बैंक ट्रांजेक्शन और फर्जी दस्तावेजों की गहनता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

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