सीएम योगी के निर्देश: कार्यकर्ताओं की समस्याओं का करें त्वरित समाधान, मंत्रियों को दिए सख्त संदेश


सीएम योगी के निर्देश: कार्यकर्ताओं की समस्याओं का करें त्वरित समाधान, मंत्रियों को दिए सख्त संदेश

लखनऊ, एजेंसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट बैठक के बाद मंत्रियों के साथ विशेष बैठक कर उन्हें संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर संवेदनशीलता के साथ सुलझाया जाए। हाल में विभिन्न सांगठनिक बैठकों के दौरान कार्यकर्ताओं और संघ पदाधिकारियों से मिले फीडबैक में कुछ मंत्रियों के व्यवहार और शिकायतों की अनदेखी की बातें सामने आई थीं। इसी के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने यह सख्त निर्देश दिए।

जिलों में बढ़ाएं संवाद और दौरे

मुख्यमंत्री ने सभी प्रभारी मंत्रियों से कहा कि वे अपने-अपने जिलों का नियमित दौरा करें और जिला, मंडल व ब्लॉक स्तर के कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि कार्यकर्ताओं की समस्याओं का यथासंभव तुरंत समाधान किया जाए। यदि किसी कारण से देरी होती है तो संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएं।

जरूरी आपूर्ति पर रखें विशेष नजर

बैठक में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने एलपीजी की कमी को देखते हुए गैस सिलेंडर की आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी करने को कहा। इसके साथ ही खाद की उपलब्धता का आकलन करने और किसानों को समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने जोर दिया कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे।

मतदाता अभियान पर विशेष ध्यान

बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 10 अप्रैल तक चलने वाले इस अभियान में कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता बनने से वंचित न रह जाए। उन्होंने उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा, जहां मतदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम है और वहां फॉर्म-6 भरवाने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।

बजट खर्च में तेजी लाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने आगामी वित्तीय वर्ष के बजट कार्यों को शीघ्र शुरू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अप्रैल महीने में ही कार्ययोजनाओं को स्वीकृति देकर काम शुरू कर दिया जाए। कुछ विभागों में धीमी खर्च गति पर चिंता जताते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि शुरुआती छह महीनों में अधिकतम बजट का उपयोग सुनिश्चित किया जाए और किसी भी विभाग में 80 प्रतिशत से कम खर्च न हो।

मुख्यमंत्री के इन निर्देशों को प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने और संगठन के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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