मेरठ: विश्वविद्यालय परिसर में छात्रा की मौत पर बवाल, छात्रों ने की तोड़फोड़; सुरक्षा व चिकित्सा पर उठाए सवाल
मेरठ: विश्वविद्यालय परिसर में छात्रा की मौत पर बवाल, छात्रों ने की तोड़फोड़; सुरक्षा व चिकित्सा पर उठाए सवाल
मेरठ (संवाद सूत्र): मेरठ के एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय परिसर में छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मंगलवार को छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने परिसर में जमकर हंगामा किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तोड़फोड़ की। स्थिति को बिगड़ते देख भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला।
परिसर में हंगामा और सुरक्षा कार्यालय में तोड़फोड़
छात्रा की मृत्यु के अगले दिन सुबह से ही छात्र कैंपस में एकत्रित होने लगे थे। विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने विश्वविद्यालय के सुरक्षा कार्यालय (Security Office) में तोड़फोड़ शुरू कर दी। परिसर में रखे गमले तोड़ दिए गए और प्रशासनिक भवन के बाहर जमकर नारेबाजी की गई। छात्रों का सीधा आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने में पूरी तरह अक्षम साबित हुआ है।
खराब चिकित्सा व्यवस्था को लेकर फूटा आक्रोश
प्रदर्शनकारी छात्रों ने कैंपस के भीतर बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव पर गंभीर सवाल खड़े किए। छात्रों का कहना है कि इतने बड़े विश्वविद्यालय में न तो 24 घंटे एंबुलेंस की सुविधा है और न ही कोई स्थायी डॉक्टर उपलब्ध रहता है। छात्रों ने प्रशासन के समक्ष अपनी प्रमुख मांगें रखीं:
कैंपस में 24 घंटे एंबुलेंस सेवा अनिवार्य रूप से उपलब्ध हो।
विश्वविद्यालय परिसर में स्थायी चिकित्सक की तत्काल नियुक्ति की जाए।
छात्रावासों और कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता बनाया जाए।
आपातकालीन मेडिकल रिस्पांस सिस्टम को आधुनिक और त्वरित बनाया जाए।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, मांगों पर अड़े छात्र
हंगामे और तोड़फोड़ की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुँचा। अधिकारियों ने आक्रोशित छात्रों को समझाने और शांत कराने का प्रयास किया। हालांकि, छात्र काफी देर तक अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे और चेतावनी दी कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा। फिलहाल पुलिस बल की तैनाती के बाद कैंपस में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
पोस्टमार्टम के बाद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार
उल्लेखनीय है कि बीते दिन छात्रा का शव उसके हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला था, जिससे पूरे परिसर में शोक की लहर दौड़ गई थी। पुलिस कार्यवाही और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, मंगलवार को सूरजकुंड श्मशान घाट पर छात्रा का अंतिम संस्कार कर दिया गया। प्रशासन अब मामले की गहराई से जांच कर रहा है कि यह आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण।
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