LPG Cylinder for Wedding: शादी के लिए अब 'कार्ड' दिखाने पर मिलेगा गैस सिलिंडर

LPG Cylinder for Wedding: शादी के लिए अब 'कार्ड' दिखाने पर मिलेगा गैस सिलिंडर

बरेली, एजेंसी। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में वैवाहिक कार्यक्रमों के दौरान लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की किल्लत से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने एक अनोखी और प्रभावी पहल शुरू की है। शादी-ब्याह के आयोजनों में हलवाई और खान-पान की व्यवस्था के लिए गैस सिलिंडरों की भारी मांग को देखते हुए अब प्रशासन ने 'कार्ड दिखाओ, सिलिंडर पाओ' की नीति अपनाई है। इस नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी शादी समारोह के लिए सिलिंडर प्राप्त करने हेतु आयोजकों को अपनी पात्रता सिद्ध करनी होगी। जिला प्रशासन का मानना है कि इस कदम से गैस की कालाबाजारी पर रोक लगेगी और जरूरतमंद परिवारों को समय पर ईंधन उपलब्ध हो सकेगा।

आवेदन के लिए विवाह का निमंत्रण पत्र अनिवार्य

प्रशासन द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, जिन परिवारों में वैवाहिक कार्यक्रम निर्धारित हैं, उन्हें अब गैस सिलिंडर की बुकिंग के लिए जिलाधिकारी कार्यालय या क्षेत्रीय पूर्ति कार्यालय (Supply Office) में संपर्क करना होगा। आवेदन के साथ शादी का निमंत्रण पत्र (Wedding Card) संलग्न करना अनिवार्य कर दिया गया है। आयोजकों को एक औपचारिक प्रार्थना पत्र देना होगा जिसमें कार्यक्रम की तिथि और अपेक्षित मेहमानों की संख्या का विवरण देना होगा। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि व्यावसायिक सिलिंडरों का वितरण केवल वास्तविक आयोजनों के लिए ही किया जाए।

अधिकारियों के विवेक पर निर्भर करेगी सिलिंडरों की संख्या

इस नई प्रणाली की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी परिवार को कितने सिलिंडर आवंटित किए जाएंगे, इसका अंतिम निर्णय संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा लिया जाएगा। आपूर्ति विभाग के अधिकारी आवेदन पत्र और शादी के कार्ड की जांच करने के बाद समारोह के स्तर और आवश्यकता का आकलन करेंगे। इसके बाद ही सिलिंडरों की संख्या निर्धारित की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था एलपीजी संकट के दौरान किसी भी प्रकार की अफरा-तफरी को रोकने और वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए की गई है।

कालाबाजारी पर लगाम और आम जनता को राहत

बरेली प्रशासन की इस विशेष व्यवस्था से उन परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है जो शादी के ऐन वक्त पर गैस की कमी के कारण परेशान होते थे। अक्सर देखने में आता था कि शादी के सीजन में कुछ लोग सिलिंडरों का अवैध भंडारण कर लेते थे, जिससे बाजार में कृत्रिम संकट पैदा हो जाता था। अब सीधे प्रशासनिक निगरानी में वितरण होने से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जाएगी। जिला पूर्ति कार्यालय ने गैस एजेंसियों को भी सख्त निर्देश दिए हैं कि वे केवल प्रशासनिक अनुमति प्राप्त आवेदकों को ही निर्धारित कोटे के अनुसार प्राथमिकता के आधार पर सिलिंडर उपलब्ध कराएं।

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