महंगा हुआ सफर: मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर 31 मार्च की आधी रात से बढ़ेगा टोल टैक्स

महंगा हुआ सफर: मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर 31 मार्च की आधी रात से बढ़ेगा टोल टैक्स

मेरठ, (यूपी आज लाइव टीम)। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) का उपयोग करने वाले यात्रियों की जेब पर अब अतिरिक्त बोझ बढ़ने वाला है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए टोल की नई दरों की घोषणा कर दी है। अधिसूचना के अनुसार, बढ़ी हुई दरें 31 मार्च की मध्य रात्रि से प्रभावी हो जाएंगी। विभिन्न श्रेणियों के वाहनों के लिए टोल शुल्क में 5 रुपये से लेकर 45 रुपये तक की वृद्धि की गई है।

निजी वाहनों और मिनी बसों के लिए नई दरें

एनएचएआई के नए नियमों के मुताबिक, मेरठ से सराय काले खां तक का सफर अब महंगा होगा। कार, जीप और वैन जैसे हल्के वाहनों के लिए एक तरफ का टोल 170 रुपये से बढ़ाकर 175 रुपये कर दिया गया है। वहीं, यदि कोई वाहन 24 घंटे के भीतर वापस लौटता है, तो उसे 255 रुपये के बजाय 265 रुपये चुकाने होंगे। मिनी बसों की बात करें तो काशी टोल प्लाजा पर अब 275 रुपये की जगह 285 रुपये का भुगतान करना होगा, जबकि वापसी यात्रा का शुल्क 425 रुपये तय किया गया है।

भारी वाहनों और ट्रकों पर बढ़ा वित्तीय भार

बड़े व्यावसायिक वाहनों के लिए भी सफर अब सस्ता नहीं रहा। बस और ट्रक चालकों को अब एक तरफ के फेरे के लिए 595 रुपये (पहले 580 रुपये) देने होंगे। 24 घंटे के भीतर वापसी पर यह शुल्क 890 रुपये होगा। एक्सप्रेसवे पर चलने वाले भारी वाहनों के लिए यह वार्षिक समायोजन परिचालन लागत में सीधी बढ़ोतरी करेगा।

मल्टी एक्सल वाहनों के लिए भी टोल में इजाफा

विशालकाय और मल्टी एक्सल वाहनों के लिए टोल दरों को श्रेणीवार संशोधित किया गया है। अब इन वाहनों से 630 रुपये के स्थान पर 645 रुपये और कुछ श्रेणियों में 1105 रुपये की जगह 1130 रुपये तक वसूले जाएंगे। राउंड ट्रिप (आना-जाना) करने वाले मल्टी एक्सल वाहनों को अब अधिकतम 1700 रुपये तक का टोल टैक्स देना पड़ सकता है। अधिकारियों का कहना है कि यह बढ़ोतरी प्रतिवर्ष होने वाली 5% की सामान्य वृद्धि नीति के तहत की गई है।

नियमित यात्रियों और माल ढुलाई पर होगा असर

टोल दरों में इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजगार या व्यवसाय के सिलसिले में रोजाना दिल्ली-मेरठ के बीच आवाजाही करते हैं। इसके अलावा, माल ढुलाई महंगी होने से दैनिक उपभोग की वस्तुओं की कीमतों पर भी अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ने की संभावना है। एनएचएआई ने स्पष्ट किया है कि बुनियादी ढांचे के रखरखाव और बेहतर सुविधाओं के लिए यह वार्षिक संशोधन आवश्यक है।

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